सांगानेर
स्कूल छोड़ चुकी सुनीता आज कक्षा में प्रथम आती है।
जयपुर ग्रामीण
मोबाइल रिपेयरिंग प्रशिक्षण से रमेश ने खोली अपनी दुकान।
जयपुर
सिलाई प्रशिक्षण से आशा देवी आज अपने परिवार का सहारा बनी हैं।